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Digital Signature किसे कहते हैं और ये किस तरह से काम करता है -जाने हिंदी में

What Is Digital Signature

हेलो फ्रेंड्स आज हम बात करने बाले हैं Digital Signatire के बारे में बैसे तो Signature किसी भी सहमति की निसानी को माना जाता है। Digital Signature किसे कहते हैं और ये किस तरह से काम करता है -जाने हिंदी में 

और सायद हर जगह Sinature का इस्तमाल भी होने लगा है। लेकिन आजकल ये Signature Digital भी हो गया है। तो दोस्तों आज का हमारा ये Article भी इसी Base पर आधारित है। 

क्यूंकि आज के इस Article मे मैं आपको बिसतार से Digital Signature के बारे में बताऊंगा। की इस किस तरह से काम करता है और ये है क्या। 

एक बात दोस्तों सभी को पता है आज का समय कितना Digital हो चूका है। और आज के इस Time में लोगो के पास बक्त की बहुत बड़ी कमी है.

जैसे जैसे Tecnology आगे बढ़ती गई बैसे बैसे लोग अधिकतर काम घर बैठे करने लगे मगर कुछ ऐसे काम थे जो आदमी की Identity को बिना Verify किये नहीं किये जा सकते थे 

इसी Identity को Physicaly Prove करने के बजाये Digitally सिद्ध करने के लिए ही Digital Signature का अबिष्कार हुआ। ये एक Advanced Cryptography Technology Based है 

इस Digital Signature की उतनी ही Value है जितनी हाँथ से किये गए Signature की होती है। आजकल सभी तरक्की बाले देश Digital Signature का इस्तमाल कर रहे है जिसमे हमारा देश भारत भी शामिल है 

हिन्दुस्तान में इसे 1 November 2000 को IT Act की सर्बसम्मति से पास कर दिया गया।  भारत में भी Digital Signature का इस्तमाल होने लगा। 

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What Is The Digital Signature ?

Digital Signature Digital Massage या Document को Prove करने के लिए Mathmatical Scheme है ये एक Digitally Sign किया हुआ एक बिशेस Code होता है। 

जिसका इस्तमाल किसी भी Online Document को प्रमाणित और स्वीकारिता के लिए किया जाता है 

एक Valid Digital Signature एक प्राप्तकर्ता को ये बिश्वास दिलाता है की ये Massage एक प्रेषक ( प्रमाणीकरण ) के द्वारा बनाया गया है। जो प्रेषक सन्देश भेजने से इंकार नहीं कर सकता। 

इस Digital Signature की Value हाँथ से किये गए Signature के बराबर होती है। अगर देखा जाये तो हाँथ से किये गए Signature में छेड़छाड़ की जा सकती है लेकिन Digital Signature में ऐसा संभव नहीं है 


How Is The Work Digital Signature

Digital Signature Provider एक विशेष तरह के Protocall का इस्तमाल करते हैं जिसे Public Key Infratructure [ PKI ] कहते हैं। 

इसके इस्तमाल से Singar के Details के आधार पर 2 तरह की Long Mathmatical Code Generate होती है जो निम्न हैं 

जब भी Document को Digitally Sign किया जाता है। तो Signature Singer के Private Key के द्वारा Generate होता है। इसमें Mathmatical Algorithm के द्वारा Document को Match करना , Details Check करना शामिल होता है 

इस Procec को Hash कहते हैं ये ही Digital Signature की मुख्य Security होती है 

Hash को ही Singer Private Key से Encrypt करता है। जिसके परिणामस्वरूप ही Digital Signature बनता है। डिजिटल सिग्नेचर Singer ( Sign करने बाला ) के Document के साथ Attach हो जाता है। इसके साथ Document को Sign करने का Time बा Public Key भी। 

जब ये Document रिसिबर यानी प्राप्तकर्ता प्राप्त करता है तो बो इस Document को सत्यापित करने के लिए Public Key का इस्तमाल करता है। जो Singer के  द्वारा Create किया गया था। 

जब रिसिबर Public Key का इस्तमाल करेगा तो फिर से Hash का Code रिसिबर के Public Key के द्वारा Decrypt हो जायेगा। 

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आप नीचे दिए गए Photo को देखकर आसानी से समझ सकते है। 

अगर बो Hash Code रिसिबर के Public Key के द्वारा Match हो जाता है। तो इसका मतलब होता है की Document में कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। और ये Original है और अगर रिसिबर के Public Key के Descryption से बो Code Match नहीं करता है तो इसका मतलब है की Document Fake है। 

इसमें ध्यान देने बाली बात ये है की इस प्रकिर्या में कहीं भी Document को Decrypt नहीं किया गया है। मतबल Digital Signature Document Issuer की  पहचान को Verify करता है। की ये Document इस आदमी द्वारा Sign किया गया है जो की असली है। 

Private Key और Public Key क्या है 

दोस्तों Private Key को Secret Key भी कहा जाता है क्यूंकि ये Singer मतलब Document Sign करने बाले के पास रहता है। जो Document को Sign करने के लिए इस्तमाल में लाया जाता है। और Hash को इससे Encrypt किया जाता है। 

Private Key को Share नहीं किया जाता है। जबकि Public Key एक Non Secret Key होती है जिसे रिसिबर Deta को Decrypt करने के लिए इस्तमाल करता है। 

सभी Singer की Public Key और Private Key Unique होती है। जो किसी दूसरे Singer से Match नहीं करती है। Digital Signature को Trusted Authority के द्वारा Verified किया जाता है। 

जिसे CA यानी Certificate Authority कहा जाता है जैसा की हमें SSL Certificate भी एक तरह की CA ही प्रदान करती है। 

Digital Signature ये प्रमाणित करता है की Document के Craetion से अबतक इसके साथ कोई भी छेड़छाड़ नहीं की गई है। साथ ही ये भी Document Varified Source से Created है। 

डिजिटल सिग्नचिर का इस्तमाल Emails , Business , Software distribution , Tax Filling , Tenders जैसी Field में ज्यादा किया जाता है। 

लेकिन दोस्तो मैं आपको इसकी सबसे ख़ास बात बतादूँ की Digital Signature इतना प्रितिष्ठित और Authorised होते हुए भी इसका इस्तमाल बसीयत , लीज़ पेपर , Divorce Paper के लिए IT ACT के द्वारा मान्य नहीं है 

Digital Signature कैसे बनाएं 

Digital Signature को आप भारत में किसी भी मान्य CA [ Certificate Authority ] के द्वारा प्राप्त कर सकते हैं इसके लिए Pan Card यानी ( Personal Account Number ) जो की ID Proof होता है। 

इसके बाद आपको एक Address Proof की जरुरत पड़ती है जैसे बिजली बिल , राशन कार्ड , पासपोर्ट , इत्यादि की Photo Copy और अपने 4 पासपोर्ट साइज स्वप्रमाणित ( Self Atested ) की प्रति CA Office भेजनी होती है। 

भारत में कुछ ( CA ) Digital Signature Issuer हैं जो नीचे निम्न प्रकार है 

Emudhra , CDAC , Safe Scrypt , n code , Capricorn जिसदे भारत सरकार के द्वारा Certicate Authority का Licence मिला हुआ है 

तो दोस्तों ये थी Digital Sgnature क्या है और ये किस तरह से काम करता है पूरी जानकारी हिंदी में तो आपको ये Digital Signature की जानकारी अच्छे से समझ में आ गई होगी 

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Khustar Noorani

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